Follow Us:

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह का 80 वर्ष की आयु में निधन, खेड़ा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार


नालागढ़ से पांच बार विधायक रहे, दिल्ली स्थित आवास पर ली अंतिम सांस
आज राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार, प्रदेशभर में शोक की लहर

हिमाचल प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे राजा विजेंद्र सिंह का बुधवार को दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही नालागढ़ सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत की अनेक हस्तियों ने उनके निधन को हिमाचल की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। आज वीरवार को उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के बाद खेड़ा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा  है।

राजा विजेंद्र सिंह का जन्म 26 जून 1946 को नालागढ़ रियासत में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनता के बीच मजबूत पहचान बनाई और लगातार कई वर्षों तक नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वह 1977, 1982, 1985, 1990 और 1993 में विधायक निर्वाचित हुए और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने मई 1982 से अप्रैल 1983 तक मुख्य संसदीय सचिव के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद 1983-84 और 1988-89 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जनहित से जुड़े कई कार्यों में योगदान दिया। उन्हें एक सरल, सौम्य और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में याद किया जाता है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजा विजेंद्र सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास, विशेषकर सोलन जिले के नालागढ़ क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक चौधरी राम कुमार, नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, पूर्व विधायक केएल ठाकुर और परमजीत सिंह पम्मी सहित अनेक नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया।